120

एक बार फिर पानी पानी हुई मुंबई, सड़को पर पानी की उठी लहर

देश की व्यावसायिक राजधानी मुंबई में लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है. मुंबई में आसमान से बरस रही आफत ने लोकल पर ब्रेक लगा दिया है. ट्रैक पर पानी भरने की वजह से लोकल सेवा बुरी तरह से प्रभावित हुई है. यही नहीं कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं तो कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है. सिर्फ रेल सेवा नहीं विमान सेवा भी प्रभावित हुई है. फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया गया है, जबकि कई विमान देरी से चल रहे हैं. खराब मौसम के चलते कई एयरलाइन ने एहतियातन अपनी फ्लाइट्स को कैंसिल किया है. रनवे पर फिसलन होने के चलते विमानों की लैंडिंग में भी परेशानी आ रही है.

दरअसल, मुंबई में लगातार हो रही बारिश ने हाल बेहाल कर दिया है. मौसम विभाग ने हाई टाइड की चेतावनी जारी कर दी है. जुहू बीच पर तेज लहरों से दूर रहने की सलाह जारी की गई है, जो बीच सैलानियों और मुंबई वासियों से खचाखच भरा रहता था वो अब सूनसान नजर आ रहा है. मछुआरों को भी समुद्र से दूर रहने की एडवाइज़री जारी कर दी गई है. जाहिर है मुंबई में लगातार बरस रहे पानी से वहां के इलाकों में तस्वीर डरा देने वाली है. 

119

जयंत सिन्हा ने दंगा आरोपियों के स्वागत को सही ठहराया, कहा- आलोचना से पहले बेल ऑर्डर पढ़ें

झारखंड में लिंचिंग के आरोपियों को सम्मानित करने पर केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने सफाई दी है. जयंत ने मेल टुडे टूरिजम समिट में इस मामले पर कहा कि भले ही उन्होंने इन लोगों का सम्मान किया है, पर वे उनके कामों का समर्थन नहीं करते हैं. सिन्हा ने कहा कि वे लोग (लिंचिंग के आरोपी) उनके घर पर आए थे , इसलिए उन्हें इन लोगों का सम्मान करना पड़ा. जयंत सिन्हा ने इसके साथ ही कहा कि वह हर तरह की हिंसा का विरोध करते हैं.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'फिलहाल यह मामला कोर्ट के अधीन है और मैं ट्विटर पर अपना पक्ष पहले ही साफ कर चुका हूं. कानून को अपना काम करने देना चाहिए. जो भी दोषी हैं, उन्हें सजा होनी चाहिए. इसके साथ ही हमें यह भी ख्याल रखना चाहिए कि सभी को न्याय मिले.' सिन्हा ने कहा, 'मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि मेरी आलोचना करने से पहले कोर्ट का बेल ऑर्डर पढ़ें. मैं अपना रुख स्पष्ट कर दूं कि मैं उनकी हरकत का समर्थन नहीं करता. मेरा रिकॉर्ड साफ है. मेरी मंशा साफ है, मैं उनकी हरकत के साथ नहीं हूं.'

105

फसाद की जड़ धारा 370, अलगाववादियों का यह ‘सुरक्षा कवच’ कब तक?

एक विशेष समुदाय के तुष्टीकरण के लिए भारत के संविधान में जबरदस्ती डाली गई धारा 370 भारत की राष्ट्रीयता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और संघीय ढांचे का मजाक उड़ा रही है। अब तो यह धारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ध्येय वाक्य ‘सब का साथ - सब का विकास’ को भी चुनौती दे रही है। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय सभी वर्गों का साथ भी नहीं मिल रहा और विकास भी एक विशेष समुदाय के प्रभावशाली लोगों का ही हो रहा है। वास्तव में संक्रमणकालीन, अस्थाई और एक विशेष उपबंध के रूप में जोड़ी गई यही धारा 370 कश्मीर घाटी को एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने की प्रेरणा दे रही है। अलगाववाद को संवैधानिक मान्यता प्रदान करने वाली यह धारा आतंकवादियों का सुरक्षा कवच भी बन रही ही है।

सर्वविदित है कि जम्मू-कश्मीर के शासक महाराजा हरिसिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को इस राज्य का भारत संघ में विलय करने करने के लिए 'विलय पत्र' पर हस्ताक्षर कर दिए थे और तत्कालीन गवर्नल जनरल लार्ड माउंटबेटन ने 27 अक्टूबर को ही पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत संघ का अभिन्न हिस्सा बना दिया था। दुर्भाग्यवश तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने मित्र कट्टरपंथी नेता शेख अब्दुल्ला को प्रदेश की सत्ता सौंप दी।

92

बुराड़ी कांड में सनसनीखेज खुलासा, पिता के कहने पर की थी 11 लोगों ने आत्महत्या ?

दिल्ली के बुराड़ी में हुए 11 मौतों के मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. घर से बरामद रजिस्टरों और नोटबुक से पुलिस को कई अहम बातें पता चली हैं. रजिस्टर के एक पेज पर जो कुछ लिखा है उससे साफ पता चलता है कि मौत से पहले पूरी तैयारी की गई थी. करीब एक सप्ताह पहले ही पूरी प्रक्रिया के बारे में परिजनों को बताया गया था

.सात दिन तक बड़ पूजा करनी है. थोड़ी श्रद्धा और लगन से. कोई घर में आ जाए, तो अगले दिन. बेबे भी खड़ी नहीं हो सकती तो अगले कमरे में लेट सकती है. पट्टियां अच्छे से बांधनी है. शून्य के अलावा कुछ नहीं. पहले हाथ प्रार्थना की मुद्रा फिर अनिशासन भाव की और शरीर को तार से लपेटना है. रस्सी के साथ सूती चुन्नी या साड़ी का प्रयोग ही करना है.

91

यूपी में अगले 20 दिन में पीएम मोदी के 4 दौरे, आम चुनावों के लिए अभी से तयारी शुरू

सीटों के लिहाज़ से देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए विशेष महत्व रखता है. जैसे-जैसे 2019 चुनाव नज़दीक आ रहे हैं भाजपा के शीर्ष नेतृत्व प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के यूपी में ताबड़तोड़ दौरे तय किए जा रहे हैं.

 भाजपा के मिशन यूपी की शुरूआत प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने मगहर से की. जिसके बाद अमित शाह ने वाराणसी, मिर्जापुर और आगरा का दौरा कर चुनावों की तैयारियों का जायजा लिया. इसी क्रम में पीएम मोदी के उत्तर प्रदेश में जुलाई के महीने में 4 दौरे तय किए गए हैं. इनमें पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ शामिल हैं. इसके अलावा नोएडा और राजधानी लखनऊ भी शामिल हैं.