राफेल डील पर पीयूष गोयल का पलटवार- गिनाए राहुल गांधी के 'झूठ'

312

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और फ्रांस के बीच लड़ाकू विमान राफेल को लेकर हुई डील पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. उन्होंने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि राहुल गांधी ने फेक न्यूज के जरिए देश भर में झूठ फैलाने की कोशिश की.

गोयल ने कहा कि राहुल गांधी के झूठ का पर्दाफाश फ्रांस सरकार और राफेल बनाने वाली कंपनी के सीईओ ने कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने अब तक न तो अरुण जेटली, न रविशंकर प्रसाद और न ही निर्मला सीतारमण के आरोपों का जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि इस सरकार और पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर ध्यान दिया है और राफेल डील देश के हितों को ध्यान में रखकर ही की गई है.


 गोयल ने कहा कि राहुल गांधी ने राफेल के बारे में देश से 8 झूठ बोले हैं-
 राहुल ने इस सौदे में किसी प्राइवेट कंपनी को शामिल करने के लिए जिस फ्रेंच मीडिया संगठन की झूठी रिपोर्ट का हवाला दिया राफेल बनाने वाली कंपनी के सीईओ ने उस बात को नकार दिया है.

 राहुल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राफेल की कीमत सार्वजनिक करने से इनकार किया और कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामला है.

राहुल ने कहा कि इस मामले में एक अफसर का ट्रांसफर किया गया है, उसे हटाया गया है. यह भी झूठ है. उस अफसर को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है.  फ्रांस सरकार और एक कंपनी के बीच Quid Pro Quo (किसी चीज के बदले में फायदा पहुंचाना) की बात भी झूठी है. फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने इसे भी नकार दिया.

पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति पर मोदी के बारे में अनाप-शनाप शब्द कहने का आरोप लगाया, विपक्षी दल ने अंतरराष्ट्रीय नेता का नाम लेकर अपनी बात कही. इससे दोनों देशों के संबंध खराब हो सकते थे. यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने वाला कदम था. आगे के दिनों के लिए भी अच्छी परंपरा नहीं है.

संसद में राहुल ने कहा कि वह खुद फ्रांसीसी राष्ट्रपति से मिले और पूछा कि क्या दोनों देशों के बीच कोई सीक्रेसी पैक्ट है. उनका यह दावा भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति की ओर से ठुकरा दिया गया. कांग्रेस अध्यक्ष ने राफेल की भी कई कीमतें बताईं. वह महज एक एयरक्राफ्ट और एक फुली लोडेड एयरक्राफ्ट की कीमतों की तुलना कर रहे हैं. यह तो आम की गुठली और आम के बाग की तुलना करने जैसा है.

राहुल का आठवां झूठ था कि कैबिनेट कमिटी ऑफ सिक्योरिटी को इस डील की जानकारी नहीं थी. ऐसा न कभी हुआ है और  हो सकता है. सरकारें हमेशा सारी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखकर ही कोई डील करती हैं.

पीयूष गोयल ने कहा है कि राफेल डील पर फैलाए जा रहे राहुल गांधी के आठ झूठों का सच देश के सामने आ गया है. साफ है कि देश के लोगों की सहानुभूति उनके साथ नहीं है. आपको बता दें कि गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील पर आठ सवाल पूछकर केंद्र सरकार को घेरा था. पीयूष गोयल ने इसी के जवाब में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.

राहुल गांधी ने सरकार ये आठ सवाल पूछे  गए सवाल कुछ  प्रकार थे

फ्रांस में दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि राफेल डील में अंबानी जी को पार्टनर भारत सरकार ने बनवाया. राफेल पर पहले फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने खुलासा किया था. अब राफेल के सीनियर एग्जीक्यूटिव ने खुलासा किया है. दोनों के खुलासे से साफ है कि पीएम मोदी ने अनिल अंबानी को कॉन्ट्रैक्ट दिलाया.और  भ्रष्टाचार का इससे साफ मामला हो ही नहीं सकता.  प्रधानमंत्री मोदी जी अगर इस मामले पर जवाब नहीं दे रहे हैं तो इस्तीफा दें.

प्रधानमंत्री ने अनिल अंबानी को अनुभव न रहते हुए भी राफेल का ठेका दिलवाया. अनिल अंबानी जी 43 हजार करोड़  के कर्जे में हैं. ये सीधे तौर पर अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ का मुआवजा देने का मामला है. तथा मैंने संसद में प्रधानमंत्रीजी से राफेल पर सवाल पूछे तो उन्होंने आंख तक नहीं मिलाई. इस मामले की जेपीसी जांच क्यों नहीं कराते?

रक्षा मंत्री को फ्रांस में Dassault कंपनी जाना है इसलिए वे वहां के दौरे पर हैं. व पीएम अंबानी के पीएम हैं, देश के नहीं. उन्होंने अंबानीजी के चौकीदार की भूमिका निभाई है.

Add comment


Security code
Refresh