पासपोर्ट रद्द होने के बाद भी घूम रहा है PNB घोटाले का मुजरिम नीरव मोदी

282

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी को खोजने के लिए भारतीय एजेंसियां जुटी हुई हैं. पासपोर्ट रद्द होने के बाद भी नीरव मोदी चकमा देकर कई देशों की यात्रा कर चुका है जो कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है. विदेश मंत्रालय बार-बार कह रहा है कि नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द है, लेकिन फिर नीरव यात्राएं कर रहा है. सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर ये संभव कैसे हो सकता है, आइए समझने की कोशिश करते हैं.

अगर किसी व्यक्ति का पासपोर्ट रद्द होता है तो इमिग्रेशन अथॉरिटी के द्वारा सभी देशों में इस बात की जानकारी दी जाती है. ये जानकारी भारतीय उच्चायोग, भारतीय मिशन और अन्य अधिकारी देते हैं. इस मामले में 24 फरवरी को विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द किया था. लेकिन इंटरपोल की रिपोर्ट कहती है कि नीरव मोदी भी अभी भी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा है.

5 जून को इंटरपोल ने भारतीय एजेंसियों को खत लिखा जिसमें दावा किया गया कि 15 मार्च से मई के पहले हफ्ते तक नीरव भारतीय पासपोर्ट पर ट्रैवल कर रहा था. 31 मार्च को नीरव मोदी यूके से पेरिस भी भारतीय पासपोर्ट पर ही गया था.

सवाल है कि आखिर पासपोर्ट रद्द होने के बाद भी नीरव मोदी ट्रैवल कैसे कर रहा है. जब सीबीआई और ईडी से इस बारे में पूछा जाता है तो उनका जवाब होता है कि इसके बारे में विदेश मंत्रालय ही कुछ बता सकता है. विदेश मंत्रालय इस मामले को लेकर पुलिस एफआईआर करवा सकता है.

इंटरपोल के पास अभी तक नीरव मोदी के बारे में जो भी जानकारी है वह एक-दूसरे देशों की एजेंसियों के बीच रिश्तों के कारण मिल रही है. लेकिन क्योंकि अभी तक नीरव मोदी का पासपोर्ट एक्टिव है इसलिए किसी के पास उसे गिरफ्तार करने या फिर पूछताछ करने की इजाजत नहीं है.

 

 अगर नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होता है तो इंटरपोल अपनी साथी देशों को नीरव मोदी की जानकारी देने को कह सकता है. जैसे ही जानकारी मिलती है तो उसे गिरफ्तार/हिरासत/पूछताछ की जा सकती है.  जो भी देश उसे गिरफ्तार करता है तो उसे तुरंत भारत को इसकी जानकारी देनी होगी. लेकिन वह भारत कैसे और कितनी जल्दी आएगा ये भारत और उस देश के संबंधों पर तय होगा जहां नीरव मोदी पकड़ा जाएगा.

गौरतलब है कि करीब 13 हजार करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले के मामले में सीबीआई ने नीरव मोदी और कई अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इसके बाद सीबीआई ने इंटरपोल से रेडकॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है. हालांकि अभी इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस को नोटिफाई नहीं किया है. इसलिए नीरव मोदी आसानी से यात्रा कर पा रहा है. बता दें कि फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स के जरिये नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक को 13400 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम का चूना लगाया है. इस घोटाले में नीरव के अलावा मेहुल चौकसी की भी अहम भूमिका है.

सीबीआई ने 14 मई को मुंबई के सीबीआई कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल की. सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट में 13,400 करोड़ रुपये के इस घोटाले में मुख्य आरोपी नीरव मोदी के अलावा 24 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिसमें इलाहाबाद बैंक की CEO उषा अनंतसुब्रमण्यम का नाम भी शामिल था.

Add comment


Security code
Refresh