डोनाल्ड ट्रंप और किम जांग उन के बीच सिंगापुर में हुई सकारात्मक बात

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जांग उन के बीच सिंगापुर में हुई ऐतिहासिक शिखर वार्ता का दुनियाभर के देशों ने स्वागत किया और इसे एक सकारात्मक घटनाक्रम करार दिया. भारत को इस वार्ता से उम्मीद है कि इसके जरिए परमाणु प्रसार से जुड़ी चिताएं दूर होंगी.

शिखर वार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जाहिर की कि उत्तर कोरिया प्रायद्वीप से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव भारत के पड़ोस में प्योगयांग के परमाणु प्रसार संबंधी चितांओं को दूर करेगा. इसका मतलब पाकिस्तान के संदर्भ में माना जा रहा है.

भारत काफी समय से इस बात की मांग कर रहा है कि भारत के पड़ोस में उत्तर कोरिया के परमाणु प्रसार संबंधों की जांच की जाए. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘अमेरिका और कोरिया के बीच सिंगापुर में आयोजित शिखर सम्मेलन का भारत स्वागत करता है, यह सकारात्मक घटनाक्रम है. भारत कोरियाई प्रायद्वीप में बातचीत और कूटनीति के जरिये शांति और स्थिरता के प्रयासों का हमेशा से समर्थन करता रहा है.’

विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया, 'हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया के बीच शिखर सम्मेलन के परिणाम कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति और स्थिरता का मार्ग प्रशस्त करेंगे.’

उत्तर कोरिया के पड़ोसी मुल्क दक्षिण कोरिया ने ट्रंप और किम के बीच बैठक को सदी की वार्ता करार दिया है. सोल ने इस पर उत्साही प्रतिक्रिया दी और प्योंगयांग के साथ एक नई शुरूआत की उम्मीद जताई है.

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई इन ने कहा कि हमें उम्मीद है कि वार्ता कामयाब होगी और यह पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण और शांति लेकर आएगी साथ ही दोनों कोरियाई देशों के बीच और अमेरिका के साथ रिश्तों का एक नया दौर शुरू करेगी.

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