कर्नाटक के राजभवन में उपस्थित हुए कांग्रेस और जेडीएस के 113 विधायक

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कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजे तो आ गए हैं, लेकिन अभी तक सरकार को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई है. कांग्रेस-जेडीएस लगातार बहुमत का दावा कर रही है, वहीं बीजेपी कह रही है कि वह सबसे पार्टी है. सभी की नज़रें अब राजभवन पर टिकी हैं.

कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की. आपको बता दें कि कर्नाटक में 222 सीटों पर मतदान हुआ था, इस हिसाब से बहुमत के लिए 112 विधायकों का समर्थन ही चाहिए.

कुमारस्वामी ने दावा किया है कि उन्होंने 116 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को सौंपी है.

कुमार स्वामी बोले कि राज्यपाल ने उन्हें भरोसा दिया है कि वह संविधान के मुताबिक ही फैसला लेंगे. कांग्रेस विधायकों का कहना है कि उन्हें अपना सामान साथ में लेकर आने को कहा था, अब वह सीधा रिजॉर्ट जाएंगे.

गौरतलब है कि कांग्रेस ने अपने विधायकों के लिए इग्लटन रिजॉर्ट बुक करवाया है. कांग्रेस ने रिजॉर्ट में 120 कमरे बुक करवाए हैं. कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने सभी विधायकों को समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा. कुमारस्वामी और जी. परमेश्वर राज्यपाल से मिलकर वापस लौटे.

निर्दलीय विधायक आर. शंकर भी राजभवन पहुंचे, आज सुबह वो बी. एस. येदियुरप्पा के साथ थे.

कुमारस्वामी, रेवन्ना के अलावा 3 लोग राजभवन में दाखिल हुए. कांग्रेस-जेडीएस के सिर्फ 10 विधायकों को राजभवन में जाने की इजाजत मिलेगी. सूत्रों की मानें तो समर्थन पत्र पर कांग्रेस के कुल 78 में से तीन विधायकों के हस्ताक्षर नहीं हैं.

डीएस के सभी विधायक राजभवन पहुंच गए हैं. कांग्रेस सूत्रों की मानें तो राज्यपाल के सामने 75 विधायक परेड करेंगे. कांग्रेस समर्थन पत्र पर विधायकों के साइन करवाए, अभी भी आनंद सिंह और नागेंद्र के साइन नहीं हैं. कांग्रेस अपने विधायकों को बस में बैठाकर राजभवन के लिए रवाना हुई.

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