सेना द्धारा गिरफ्तार किये लश्कर के एक आतंकवादी ने अपने दोस्तों से की अपील गुन्हा का छोड़ दे रास्ता

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भारत जमाने से कहता रहा है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में आतंक की फसल बो रहा है. कौम के नाम पर नौजवानों को भड़का रहा है. लेकिन पाकिस्तान ने तमाम सबूतों के बावजूद इसे कभी स्वीकार नहीं किया. लेकिन गुरुवार को लश्कर के एक आतंकवादी ने खुद इसकी गवाही दी है. उसने बताया कि कैसे पाकिस्तान भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है और कैसे भारतीय सेना ने उसे एक नई जिंदगी दी.

एजाज अहमद गोजरी नाम का यह आतंकी लश्कर ए तैयबा के उन 4 आतंकियों में से एक है जिन्हें बारामूला से सेना ने जिंदा पकड़ा था. उसने अपने साथियों के बारे में बात करते हुए बताया कि मुश्ताक, साहेबा, नासिर और ऐसे तमाम चेहरों की जिंदगी कत्लोगारत में झोंक दी गई हैं, ये सही नहीं है. उसने बताया कि हिंदुस्तान की फौज चाहती तो उसे गोली मार सकती थी. लेकिन ऐसा न करके भारतीय फौज ने उन्हें नई जिंदगी के सबक दिए हैं.

एजाज जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की अंधी गलियों से लौटा वो चेहरा है जिसकी आंखें अब नई जिंदगी की ख्वाब देख रही हैं. एजाज को अपने किये पर अफसोस है. वो जम्मू-कश्मीर की भटकी हुई उदास नस्लों से कहता है कि इस मुल्क की बेहतरी के वास्ते अपने-अपने घरों को लौट आओ.

एजाज अहमद गोजरी ने कहा, 'हम लोग पिछले 6 महीने से जंगलों में रह रहे थे. मैं साथियों से गुजारिश करता हूं, जो इस वक्त गलत रास्ते पर हैं. अपनी अच्छी जिंदगी को छोड़कर एक गलत जिंदगी को थामे हुए बैठे हैं. मैं उनसे गुजारिश करता हूं कि वो अपने मां-बाप के लिए वापस आएं. मैं नासिर से कहता हूं कि उसकी मां बहुत बीमार है. वो अपनी मां के लिए वापस आए. सभी अपने घरों को लौट आएं.'

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