किम जोंग उन दक्षिण कोरिया की यात्रा के बाद, एक बार फिर चीन की यात्रा पर पहुंचे

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किम जोंग उन दक्षिण कोरिया की यात्रा के बाद एक बार फिर चीन की यात्रा पर हैं. बड़ी खबर ये है कि मार्च के महीने में चीन की यात्रा कर चुके किम जोंग उन अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने से पहले एक बार फिर चीन की यात्रा पर चले गए हैं और सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि हमेशा प्लेन के सफर करने से परहेज़ करने वाले किम ने उत्तर कोरिया से चीन के डालियान शहर तक का सफर प्लेन से तय किया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति से किम की मुलाकात इसी महीने या अगले महीने की शुरूआत में होनी है. मगर उससे पहले उत्तर कोरिया के मार्शल किम जोंग उन अपना होम वर्क पूरा कर लेना चाहते हैं. तभी तो मार्च 27 तारीख को पहले वो चीन गए.

 

फिर अप्रैल की 27 तारीख को उन्होंने दक्षिण कोरिया की ऐतिहासिक यात्रा की और अब एक बार फिर चीन पहुंच कर किम जोंग उन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. किम ने चौंकाया इसलिए है. क्योंकि डेढ़ महीने के अंदर वो दूसरी बार चीन गए हैं. इतना ही नहीं विमान से यात्रा करने से कतराने वाले किम जोंग उन 07 मई को एयरकोरिया के अपने पर्सनल विमान से चीन पहुंचे.

 

राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के बीच ये अचानक ये मुलाकात चीन के समुद्री तट पर बसे मशहूर डालियान शहर में हुई. इस मुलाकात से पहले चीन के इस शहर में एक उत्तर कोरियाई विमान को लैंड करते देखा गया.

जिसके बाद से जापान और दक्षिण कोरिया का मीडिया इस बात की अटकलें लगाने लगा कि इस विमान से उच्च स्तरीय उत्तर कोरियाई अधिकारी या खुद किम जोंग उन चीन के दौर पर आए हुए हो सकते हैं. हालांकि इसके कुछ देर बाद ही मीडिया में दोनों की मुलाकात की तस्वीरें भी आ गई. जिसमें दोनों नेता समंदर किनारे टहलते हुए और फिर चर्चा करते हुए नज़र आए.

दक्षिण कोरियाई न्यूज एजेंसी के मुताबिक किम का विमान कल पूरी सुरक्षा के बीच डालियान एयरपोर्ट पर उतरा गया. ये तस्वीरें किम के चीन में लैंडिग करते हुए और फिर उनके स्वागत की हैं. किम के चीन यात्रा पर होने का ये शक़ इसलिए पैदा हुआ क्योंकि डलियान और उत्तर कोरिया के बीच यात्री विमान सेवाएं नहीं हैं. अमूमन इस एयरपोर्ट पर कोरियाई विमान नहीं देखे जाते हैं. क्योंकि चीन का ये एयरपोर्ट व्यापार के लिए ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है.

इसके पहले मार्च के महीने में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन चीन के दौर पर गए थे और वो छह सालों में पहला मौका था जब सत्ता में आने के बाद वो किसी विदेश दौरे पर गए थे. इस दौरे की पुष्टि तब की गई जब वो चीन के दौरे से वापस उत्तर कोरिया लौट गए थे.

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