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प्रधान मंत्री के आहृवान पर गाजियाबाद में हुआ मैराथन रेस

Ghaziabad: विश्व ह्रदय रक्षा माह के अवसर पर वार्षिक यशोदा हाफ मैराथन के प्रथम कार्यक्रम का 15 सितंबर 2019 को 21 किलोमीटर लंबी हाफ मैराथन,  10, 5 किलोमीटर दौड़ एवं 5 किलोमीटर वॉकाथान का आज तड़के आयोजन हुआ , यह हाफ मैराथन यशोदा हॉस्पिटल कौशाम्बी से शुरू होकर हिंडन एलिवेटेड रोड तक गयी।

इस मैराथन में 1000 से भी ज्यादा लोगों ने भाग लिया । यह हाफ मैराथन प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के हिट इंडिया फिट इंडिया अभियान से भी प्रेरित थी तथा इस यशोदा हाफ मैराथन में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं स्थानीय सांसद जनरल वी के सिंह, मुख्य अतिथि एवं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री अरुण कुमार सिंह मुख्य अतिथि रहे । विशेष अतिथि के रूप में श्री पी के गुप्ता, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त - उत्तर प्रदेश (पश्चिम) क्षेत्र, श्री संगीत सोम, विधायक मौजूद रहे। 

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पूर्व वित्त मंत्री माननीय श्री अरुण जेटली जी का निधन देश की राजनीति लिए बहुत बड़ी क्षति: डॉ पी एन अरोड़ा

New Delhi: भारत के पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को दिल्ली एम्स में निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे। उन्होंने दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर अंतिम सांस ली। जैसा कि विदित है किडनी ट्रांसप्लांट करवा चुके जेटली को कैंसर हो गया था। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। पिछले दिनों राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना था। 

शोकाकुल यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ पी एन अरोड़ा ने  कहा कि ‘जेटली के निधन की खबर सुनकर मैं बहुत दुखी एवं स्तब्ध हूं। वे उत्कृष्ट वकील, सुलझे हुए सांसद और उत्कृष्ट मंत्री थे। देश को बनाने में उन्होंने अविस्मरणीय  अहम योगदान दिया।  श्री जेटली जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें एवं अपने श्री चरणों में स्थान दें। खबर फैलते ही यशोदा हॉस्पिटल कौशाम्बी में सभी डॉक्टरों एवं स्टाफ में शोक की लहर दौड़ गयी । श्री अरुण जेटली जी ने ही यशोदा सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी के नए विंग का उदघाटन जून 2016 में स्वयं किया था एवं कई डॉक्टरों से उन्होंने व्यक्तिगत बात चीत भी की थी, ऐसा भी कह सकते हैं कि यशोदा हॉस्पिटल कौशाम्बी के डॉक्टर, प्रबंधन एवं स्टाफ से उनका गहरा नाता था तथा समय समय पर उनका मार्गदर्शन मिलता रहता था। यशोदा हॉस्पिटल की निदेशिका श्रीमती उपासना अरोड़ा ने इसे यशोदा परिवार के लिए एक निजी छति बताया और भारतीय राजनीति में उनका योगदान अमर रहेगा। श्री अरुण जेटली जी के निधन के बाद पूरा देश शोक में डूब गया है । 

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कोबरा जैसे जहीरले सांप के काटने के बावजूद सही समय पर इलाज से बचाई जा सकती है

New Delhi: गाजियाबाद के सिरोरा गांव के रहने वाले 6 वर्षीय बच्चे मास्टर लक्ष्य को 12 अगस्त को  उसके घर पर कोबरा सांप ने काट लिया, लक्ष्य के परिवार वालों ने बताया कि उन्होंने काले नाग (कोबरा सांप) को लक्ष्य के कमरे से जाते हुए देखा, और कुछ ही देर बाद लक्ष्य को जोर से पेट में दर्द हुआ और उसके बाद बेहोश हो गया। लक्ष्य के परिवार वालों ने उसे आनन-फानन में आस पास के अस्पतालों में दिखाने के लिए ले कर गए किन्तु दो अस्पतालों ने बड़े हॉस्पिटल में रेफर कर दिया, अंततः वे लक्ष्य को कौशांबी स्थित यशोदा हॉस्पिटल में ले कर आये और इमरजेंसी में दाखिल कराया।

आज आयोजित एक प्रेस वार्ता में यशोदा हॉस्पिटल की निदेशिका श्रीमती उपासना अरोड़ा ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए बताया कि यशोदा हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम द्वारा परीक्षण पर यह पाया गया कि बच्चा रेस्पिरेट्री फैलियर में है और उसे तुरंत इनट्यूबेट किया गया और अस्पताल में स्थित पीडियाट्रिक आईसीयू में वेंटिलेटर पर रख जीवनदायिनी आपातकालीन दवाइयों एवं प्रक्रियाओं द्वारा उसके जीवन को बचाने की जद्दोजहद चालू हुई। यशोदा हॉस्पिटल की वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ विद्या घोष, डॉ तरुण, डॉ अनिल, डॉ दीप्ति, डॉ जितेंद्र, डॉ अंकित एवं अन्य नर्सों, पैरामेडिक्स की टीम ने पूरी जी जान लगाकर बच्चे को बचाने की कोशिश की। अस्पताल में भर्ती के होने के दूसरे दिन बच्चे की हालत और गिर गई और दोबारा एंटी स्नेक वेनम देना पड़ा । अब लगभग 7 से 8 दिन बीत जाने के बाद बच्चा दोबारा  स्वास्थ्य लाभ लेते हुए सामान्य हो रहा है अस्पताल में भर्ती होने के चौथे दिन लक्ष्य का वेंटीलेटर भी हटा लिया गया था डॉक्टर विद्या घोष ने बताया कि कोबरा सांप का दंश बहुत ही घातक होता है तथा सही समय पर अगर इलाज ना मिले तो यह जानलेवा भी हो सकता है।

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बाल कल्याण के लिए बजट में 16 % वृद्धि का कैलाश सत्यार्थीचिल्ड्रन्स फाउंडेशन ने किया स्वागत

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापितसंस्था कैलाश सत्यार्थी चिल्डन फाउडेंशन नए केंद्रीय बजट मेंबच्चों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए विभिन्नसकारात्मक कदमों की सराहना करता है। हमें बेहद प्रसन्नता हैकि कुल बजट आवंटन में बच्चों के लिए 16 प्रतिशत की वृद्धि हुईहै। इसके अलावा (सेबी) के तहत सोशल स्टॉक एक्सचेंज कीस्थापना सामाजिक सेवा संगठनों को बड़े पैमाने पर समाज केकल्याण के लिए धन जुटाने के लिए आवश्यक प्रोत्साहन प्रदानकरेगा।
 
बाल संरक्षण सेवाओं (सीपीएस) के लिए आवंटन को 2018-19में 725 करोड़ रुपये से 2019-20 1500 करोड यानि तकरीबनदोगुना करने से पीड़ित बच्चों को अधिक सहायता मिलेगी। हमसामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत बाल कल्याणके लिए बजट में 89 प्रतिशत की वृद्धि का स्वागत करते हैं, इसकेअलावा, छात्रवृत्ति के रूप में पिछड़ी जाति के बच्चों को अधिकवित्तीय सहायता से राहत मिलेगी। हम श्रम कानूनों कोसुव्यवस्थित करने और देश में श्रम न्यायालयों की स्थापना के लिएभी जोर देते हैं।

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उच्च रक्तचाप एक साइलंट किलर है, हर तीसरा भारतीय इस समस्या का शिकार है

यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी, गाजियाबाद के प्रबंध निदेशक डॉ पी एन अरोड़ा जी ने बताया कि उच्च रक्तचाप के प्रति जागरूकता लाने के लिए हर साल 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। उच्च रक्तचाप या हाई बीपी की समस्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी है और हृदय रोगों, किडनी के निष्क्रिय होने जैसी अनेक समस्याओं के पीछे रक्तचाप अधिक होना प्रमुख वजह है। कई रोगियों को अधिक रक्तचाप का पता नहीं चलता क्योंकि कोई खास लक्षण नहीं होता। सिर में दर्द, देखने में दिक्कत, नींद सही से नहीं आने जैसी समस्याओं की जांच के लिए जब लोग जाते हैं तो पता चलता है कि रक्तचाप बढ़ा हुआ है।

यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी, गाजियाबाद के हृदयरोग विशेषज्ञ डॉक्टर असित खन्ना जो कि एक वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट हैं एवं अभी तक 10,000 से ज्यादा एंजियोग्राफी कर चुके हैं एवं 4100  से ज्यादा एंजियोप्लास्टी भी कर चुके हैं, अपने वृहद् कार्यकाल के अनुभव से  डॉ खन्ना ने जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष की थीम " नो योर नंबर्स विथ ए गोल ऑफ़ इंक्रीसिंग हाई ब्लड प्रेशर (बी पी) अवेयरनेस  इन  आल  पॉपुलेशन्स  अराउंड  द  वर्ल्ड "है । बताया, ‘उच्च रक्तचाप एक साइलंट किलर है। इसके अपने कोई विशेष लक्षण नहीं होते। कई बार रोगियों को सिर में दर्द या चक्कर आने की शिकायत होती है, लेकिन अधिकतर मस्तिष्क, हृदय, किडनी और आंखों पर असर होता है।’  डॉ खन्ना बताते हैं , ‘रोजाना 25 से 30 मिनट की कसरत, कम नमक का प्रयोग, कम वसा वाले भोजन के इस्तेमाल से मानसिक तनाव से बचा जा सकता है। इसका बीपी रोगियों पर सकारात्मक असर दिखाई देता है। बीपी रोगियों को उपचार और दवाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए।’